प्रस्तावना

तक्षशिला एजुकेशनल सोसाइटी द्वारा लेखक, विधिवेत्ता, राजनीतिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक कार्यकर्ता श्री फणीश सिंह की स्मृति में सालाना पुस्तकवृत्ति (1 लाख प्रति माह) की स्थापना प्रस्तावित है। श्री फणीश सिंह तक्षशिला एजुकेशनल सोसाइटी के संस्थापक सदस्य थे। यह वृत्ती हिन्दी में उत्कृष्ट लेखन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से स्थापित की जा रही है और यह किसी एक भारतीय अथवा गैर भारतीय लेखक को हिन्दी में मौलिक पुस्तक लिखने के लिए प्रदान की जाएगी। पुस्तक वृत्ति, सांस्कृतिक, राजनैतिक, सामाजिक विषयों, विचारों, स्थापनाओं, जीवन शैली, जीवन वृत्त आदि विषयों पर कथेतर, मौलिक शोध एवं लेखन कार्य के लिए प्रदान की जाएगी। राजनीतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक आंदोलनों, संस्थाओं, राजनीतिक दलों के इतिहास (जीवन) से संबंधित प्रस्ताव में हमारी विशेष रुचि है।साहित्यिक आलोचना संबंधी विषय इस योजना में शामिल नहीं किए जा रहे हैं। अपेक्षा है कि इस वृत्ति के माध्यम से लिखी गई पुस्तकों से विशेषकर 1947 के बाद के भारतीय जीवन के बारे में हमारी समझ और समृद्ध हो सके।

— लेखक को अपनी प्रविष्टि शामिल कराने के लिए निर्धारित तिथि 31 जुलाई 2023 तक एक आवेदन ईमेल द्वारा fellowship@takshila.net पर भेजना होगा ।
— आवेदन के साथ अपने अब तक के काम का विवरण देना होगा और 5000 शब्दों में पुस्तक संबंधी योजना का प्रस्ताव (सिनाप्सिस) विचारार्थ संलग्न करना होगा।
— आवेदन, हिन्दी अथवा अंग्रेजी में प्रस्तावित करना होगा ।

प्रक्रिया

  • प्राप्त आवेदनों की शॉर्टलिस्टिंग की जाएगी और चुनी हुई प्रविष्टियों के लेखकों को ईमेल द्वारा अगस्त 2023 तक सूचित किया जाएगा।
  • पुस्तक लिखने के लिये एक वर्ष (अप्रैल 2024 से मार्च 2025) का समय निर्धारित होगा।
  • दिसम्बर के पहले हप्ते में पुस्तक वृत्ति की घोषणा कर दी जाएगी।
  • पुस्तक वृत्ति की निर्धारित राशि- 100,000 रुपए प्रति माह में से 70,000 रुपए लेखक को पुस्तक लिखने के दौरान प्रति माह दिए जाएंगे और शेष बची राशि पुस्तक लिख लेने के बाद प्रदान की जाएगी।
  • अंतिम रूप में एक स्वतंत्र समीक्षा समिति द्वारा पुनः आकलन के बाद ही पुस्तक का प्रकाशन संभव होगा।
  • पुस्तक के आरंभ में पुस्तक वृत्ती संबंधित जानकारी देना आवश्यक होगा।
  • पुस्तक वृत्ति का यह मंच सभी लेखकों के लिये खुला है।
  • प्रविष्टि भेजने के लिये किसी भी प्रकार के धर्म/लिंग/जाति अथवा अन्य किस्म की बाध्यता नहीं है। लेखकों को उम्र की सीमा में भी नहीं बांधा गया है। किसी भी उम्र के लेखक अपनी प्रविष्टि भेज सकते हैं ।
  • प्रविष्टियों की स्वीकृति के लिये किसी भी प्रकार का दबाव, अथवा अनुशंसा को प्रोत्साहित नहीं किया जाएगा।यदि ऐसा प्रयास किसी लेखक या उसके संबंधी / मित्र आदि द्वारा किया जाएगा तो वह प्रविष्टि अस्वीकार कर दी जाएगी।
  • पुस्तक चयन की प्रक्रिया के लिए एक स्थायी जूरी का गठन किया गया है।
  • प्रविष्टि संबंधित निर्णय लेने को जूरी पूरी तरह स्वतंत्र होगी।
  • वर्ष भर चलने वाली चयन की सम्पूर्ण प्रक्रिया स्वतंत्र, नितांत पारदर्शी एवं न्यायपूर्ण तरीके से संचालित होगी।

अकसर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न - फेलोशिप प्राप्त करने के लिये कितना इंतज़ार करना होगा? कितनी लंबी अवधि है?

उत्तर - 2023, दिसंबर के पहले हफ़्ते तक. फेलोशिप एक वर्ष की अवधि में मिलेगी

प्रश्न - मैं भारतीय नागरिक नहीं हूँ, फिर भी क्या मुझे फेलोशिप मिल सकती है?

उत्तर - फेलोशिप भारतीय और ग़ैर भारतीय लेखकों के लिये है. इसमें उम्र/ जाति/ धर्म अथवा लिंग की कोई बाध्यता नहीं है

प्रश्न - मुझे फेलोशिप किन शर्तों पर मिल सकती है?

उत्तर - अपने बारे में, अपने अब तक के किये गये काम के बारे में पूरा विवरण भेजें, अपने प्रस्तावित विषय की सिनॉप्सिस भेजें

प्रश्न - मुझे फेलोशिप के अंतर्गत कितनी राशि मिलेगी?

उत्तर - पुस्तक लिखने के दौरान ,१ लाख प्रति माह , एक वर्ष तक

प्रश्न - सिनॉप्सिस की शब्द संख्या क्या होनी चाहिये?

उत्तर - सिनॉप्सिस की शब्द संख्या 5000 शब्द

प्रश्न - अंतिम घोषणा के पहले कितने सिलेक्शन सत्रों से गुज़रना पड़ेगा?

उत्तर - यदि आप शॉर्टलिस्ट हुए तो आपका इंटरव्यू लिया जायेगा. उसके बाद आपको पुस्तक लिखने का एक वर्ष का समय दिया जायेगा. मेंटर और जूरी मेम्बर आपके संपर्क में रहेंगे

प्रश्न - विजेता की घोषणा कब की जायेगी?

उत्तर - दिसंबर के पहले हफ़्ते में विजेता की घोषणा कर दी जायेगी

प्रश्न - क्या मैं अपनी सिनॉप्सिस अंग्रेज़ी में प्रस्तावित कर सकती/ सकता हूँ?

उत्तर - आप अपना आवेदन अंग्रेज़ी में भेज सकते हैं. सिनॉप्सिस हिन्दी में ही भेजें

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Takshila Overview

Takshila Educational Society, formed in 1997, in collaboration with Delhi Public Schools Society established its first Delhi Public School at Patna in 1998, followed by Delhi Public Schools at Pune in 2003, at Ludhiana in 2004, and at Coimbatore in 2012. All are a name to reckon with, a landmark in every sense of the word, and an epitome of good education and discipline. Delhi Public Schools Society is one of the largest chains of K-12 schools in the world with over 175 schools in India and foreign shores. The four K-12 schools of Takshila Educational Society (TES), have a combined student strength of over 11000 and a faculty of nearly 400. The overwhelming response to its institutions from the citizens and students has encouraged TES to reach for greater heights. TES completed a full circle, with schools in India’s East, West, North and South.

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